सिंधु घाटी सभ्यता की सम्पूर्ण जानकारी 

सामान्य परिचय सिन्धु घाटी सभ्यता ( पूर्व हड़प्पा काल : 3300-2500 ईसा पूर्व, परिपक्व काल: 2600-1900 ई॰पू॰; उत्तरार्ध हड़प्पा काल: 1900-1300 ईसा पूर्व) विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में…

मॉडर्न और सामयिक पेंटिंग में क्या अंतर है ?

आधुनिकतावाद आंदोलन ने कला की दुनिया में कई नई अवधारणाओं और विचारों को पेश किया। कई कलाकारों ने अपनी मुख्य शैली के रूप में सपने, प्रतीकवाद और व्यक्तिगत प्रतीकात्मकता की…

भीम बेटका की चित्रकला

भीमबेटका गुफ़ाएँ (भीमबेटका रॉक शेल्टर या भीमबैठका) भारत के मध्य-प्रदेश राज्य के रायसेन जिले में एक पुरापाषाणिक पुरातात्विक स्थल है। जो मध्य-प्रदेश राज्य की राजधानी भोपाल के दक्षिण-पूर्व में लगभग…

क्या होती है माडर्न आर्ट ?

भारत वर्ष – चित्रकला की उत्पत्ति का उल्लेख वेदों में प्राप्त होता है | तथा शस्त्रीय नियमों का उल्लेख विष्णुधर्मेत्तर पुराण में विस्तार से दिया गया है | आधुनिक कला – जहाँ…

क्या है “षडंग” का मतलब ?

यशोधर पण्डित   जयपुर के राजा जय सिंह प्रथम के दरबार के प्रख्यात विद्वान थे जिन्होने कामसूत्र की ‘जयमंगला’ नामक टीका ग्रंथ की रचना की। इस ग्रन्थ में उन्होने वात्स्यायन द्वारा…

भारतीय चित्र कला एक परिचय

सम्पूर्ण विश्व में कला का विकास मनुष्य के विकास के साथ ही जुड़ा हुआ है। मानसिक विचारों की अभिव्यक्ति की प्रवृति, मनुष्य की आदिम प्रवृति है। आदिमकाल से ही मनुष्य,…

यूनानी कला के स्वर्णयुगीन सम्प्रदाय

यूनानी कला के स्वर्ण युग में कला के दो सम्प्रदाय पनपे एक पेलोपोनेशियन का केंद्र ओलंपिया तथा दूसरा एटिक जिसका केंद्र एथीना था |ये दोनों यूनान की शास्त्रीय कला के…

आधुनिक चित्रकला में टेक्निक का महत्त्व

आज चित्रकला में प्रयोग का युग है |विभिन्न कलाकारों अपनी कला में विभिन्न तकनीकों का प्रयोग करते हैं | आधुनिक चित्रकला में आज विषय वस्तु से टेक्निक का महत्त्व अधिक…

परीक्षा के लिए स्वयं को तैयार करें –

शैक्षिक सत्र प्रायःसभी स्कूलों में पूर्ण हो चुका है |अब प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी अब समाप्ति की और हैं | सम्पूर्ण शैक्षिक सत्र मे छात्रों व् शिक्षकों द्वारा की गयी तैयारी…

भारतीय चित्रकला उद्भव और विकास

भारतीय चित्रकला उद्भव और विकास भारतीय चित्र कला का इतिहास उतना ही पुराना है जितना मानव का इतिहास | मानव ने जब प्रकृति की गोद में नेत्रोंमीलन किया होगा उसी…

आधुनिक चित्रकला में अवनींद्र नाथ टेगोर का योगदान

अर्धेन्दु गांगुली के शब्दों में सन 1833 में उत्तर भारतीय चित्रकला की प्राचीन परंपरा के अंतिम प्रतिनिधि मूला राम के अवसान के पश्चात् प्राचीन परंपरा का भारतीय चित्र कल से…